Home उत्तराखंड महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए  घट्टूगाड़ में स्वयं सहायता समूह आउटलेट का शुभारंभ, सीडीओ गिरीश गुणवन्त ने आजीविका उत्पादों के आउटलेट का किया लोकार्पण, उत्पादों की बिक्री पहुँची 50 हजार पार

महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए  घट्टूगाड़ में स्वयं सहायता समूह आउटलेट का शुभारंभ, सीडीओ गिरीश गुणवन्त ने आजीविका उत्पादों के आउटलेट का किया लोकार्पण, उत्पादों की बिक्री पहुँची 50 हजार पार

by apnagarhwal.com

पौड़ी : विकासखण्ड यमकेश्वर के ग्राम पंचायत मराल, घट्टूगाड़ में स्वयं सहायता समूहों के आउटलेट का शुभारंभ मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवन्त द्वारा किया गया। इस मौके पर उपस्थित दुर्गा भवानी स्वयं सहायता समूह, जय मां भुवनेश्वरी स्वयं सहायता समूह तथा विकास स्वयं सहायता समूह की महिलाओं द्वारा संचालित विभिन्न आजीविका गतिविधियों का प्रदर्शन किया गया। समूह की महिलाओं ने विस्तार से बताया कि किस प्रकार उन्होंने प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वरोजगार की दिशा में कदम बढ़ाया है।

इन समूहों की महिलाएं फिनाइल निर्माण, हैंडवॉश, टॉयलेट क्लीनर, ग्लास क्लीनर, फ्लोर फ्रेशनर, हर्बल एवं ब्यूटी सोप (नीम, एलोवेरा, हल्दी), ग्लिसरीन आदि उत्पाद तैयार कर रही हैं। इन उत्पादों को ग्रामीण एवं शहरी बाजारों में बिक्री हेतु उपलब्ध कराया जा रहा है। अब तक समूहों की महिला सदस्याएं लगभग ₹50,000 तक की बिक्री कर चुकी हैं। वर्तमान में समूह की सक्रिय सदस्यों के रूप में रोशनी देवी, रजनी देवी, सीता देवी व रेखा देवी निरंतर उत्पादन एवं विपणन कार्य में लगी हैं। इनका कहना है कि इस पहल से न केवल उनकी आर्थिक स्थिति मजबूत हुई है बल्कि आत्मनिर्भर बनने का आत्मविश्वास भी मिला है।

मुख्य विकास अधिकारी गिरीश गुणवन्त ने कहा कि स्वयं सहायता समूह ग्रामीण महिलाओं के लिए आजीविका का सशक्त माध्यम बन रहे हैं। जब महिलाएं संगठित होकर स्वरोजगार की दिशा में कार्य करती हैं तो उनका आत्मविश्वास बढ़ता है और वे समाज व परिवार की आर्थिक रीढ़ बनती हैं। इस प्रकार के उत्पाद आज की आवश्यकता हैं क्योंकि ये स्थानीय स्तर पर निर्मित, किफायती और गुणवत्तापूर्ण हैं। जिला प्रशासन द्वारा इन समूहों को हर संभव सहयोग प्रदान किया जाएगा ताकि उनके उत्पाद व्यापक स्तर पर बाजार में उपलब्ध हो सकें और अधिक से अधिक महिलाएं इससे लाभान्वित हो सकें। कहा कि ऐसे प्रयास ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित होंगे। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं ग्रामीण बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

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