देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में उर्मिला सनावर की और से VIP का नाम उजागर करने के बाद उत्तराखंड की सियासत में हंगामा मचा हुआ है। कांग्रेस, यूकेडी समेत तमाम विपक्षी दल भाजपा पर हमलावर हो गए हैं और मामले की CBI जांच की मांग कर रहे हैं। इसी बीच, रेप पीड़िताओं के लिए काम करने वाली जानी-मानी समाजसेवी योगिता भयाना ने भी इस केस में एंट्री कर ली है। देहरादून पहुंचकर उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में CBI जांच, आरोपी भाजपा नेताओं के इस्तीफे और उर्मिला सनावर की सुरक्षा की मांग की है।
योगिता भयाना ने कहा कि अंकिता भंडारी मर्डर केस में वनंतरा रिसॉर्ट पर घटना के बाद बुलडोजर चलवाने वाली यमकेश्वर से भाजपा विधायक रेनू बिष्ट की तत्काल गिरफ्तारी होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा, “यह मेरी पहली मांग है कि सबूत मिटाने वाली रेनू बिष्ट को गिरफ्तार किया जाए। सरकार को आगे आकर इस मामले में आश्वासन देना चाहिए और CBI जांच करानी चाहिए।” योगिता ने अफसोस जताया कि VIP का नाम सामने आने के बावजूद सरकार की ओर से अब तक कोई ठोस आश्वासन नहीं मिला है कि निष्पक्ष जांच होगी।
समाजसेवी ने कानूनी प्रक्रिया का हवाला देते हुए कहा, “कानून के मुताबिक, जब किसी व्यक्ति का नाम आरोपी के रूप में घिरता है, तो पहले उसकी गिरफ्तारी होती है और फिर जांच। इसलिए उर्मिला सनावर ने जिस VIP का नाम बताया है, उसकी गिरफ्तारी भी जल्द होनी चाहिए।” साथ ही, उन्होंने VIP का नाम उजागर करने वाली उर्मिला सनावर की जान-माल की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की। योगिता भयाना ने इस मामले को महिलाओं की सुरक्षा और न्याय की लड़ाई से जोड़ते हुए कहा कि सरकार की चुप्पी संदेह पैदा कर रही है।
यह केस 2022 में अंकिता भंडारी की हत्या से जुड़ा है, जिसमें पूर्व भाजपा मंत्री के बेटे पुलकित आर्य समेत अन्य को दोषी ठहराया गया था। लेकिन हाल में उर्मिला सनावर के खुलासे ने इसे फिर सुर्खियों में ला दिया है। विपक्षी दलों का आरोप है कि भाजपा सरकार आरोपियों को बचा रही है। मामले की CBI जांच की मांग तेज हो गई है, जबकि सरकार की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है। यह विवाद उत्तराखंड की राजनीति को नई दिशा दे सकता है, जहां महिलाओं की सुरक्षा एक बड़ा मुद्दा बनता जा रहा है।
