देहरादून। प्रदेश की राजधानी देहरादून में जिलाधिकारी सविन बंसल अपनी सक्रिय प्रशासनिक कार्यशैली और जनकल्याणकारी पहलों के चलते आमजन के बीच मजबूत पहचान बना रहे हैं। उनके कार्यकाल के दौरान जिला प्रशासन के प्रति लोगों का विश्वास लगातार बढ़ता हुआ दिखाई दे रहा है। जिलाधिकारी सविन बंसल को प्रदेश के तेजतर्रार एवं कर्तव्यनिष्ठ अधिकारियों में माना जाता है। त्वरित निर्णय क्षमता और जनसमस्याओं के समाधान के प्रति उनकी प्रतिबद्धता ने लोगों में भरोसा जगाया है कि प्रशासन उनके साथ खड़ा है।
बालिकाओं की शिक्षा और जरूरतमंदों के उत्थान पर विशेष फोकस
जिले में संचालित नंदा-सुनंदा योजना के माध्यम से बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किए गए हैं। इसके साथ ही गरीब, अनाथ और कूड़ा बीनने वाले बच्चों के जीवन स्तर को सुधारने और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ने के लिए भी प्रशासन द्वारा लगातार पहल की जा रही है।
जिलाधिकारी द्वारा राइफल फंड के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों की सहायता, प्रशासनिक लापरवाही पर सख्त कार्रवाई तथा भ्रष्टाचार के विरुद्ध कठोर रुख अपनाने जैसे कदम भी चर्चा में रहे हैं। विभिन्न सामाजिक संगठनों और नागरिकों का मानना है कि उनकी कार्यशैली से प्रशासनिक पारदर्शिता और जवाबदेही मजबूत हुई है।
जनगणना तैयारियों में लापरवाही पर सख्त कार्रवाई के निर्देश
इसी क्रम में जिलाधिकारी सविन बंसल ने आगामी जनगणना कार्यों को लेकर प्रशासनिक स्तर पर सख्ती भी दिखाई है। केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय द्वारा आगामी जनगणना प्रक्रिया के प्रथम चरण को लेकर तैयारियां तेज कर दी गई हैं, जिसके तहत जिलाधिकारी को प्रमुख जनगणना अधिकारी नामित किया गया है।
गृह मंत्रालय के निर्देशों के अनुपालन में क्षेत्र निर्धारण, जनगणना चार्ज अधिकारियों की नियुक्ति, विभागीय समन्वय तथा कार्यक्रम की रूपरेखा तय करने के उद्देश्य से 28 जनवरी 2026 को निदेशक जनगणना (गृह विभाग, भारत सरकार) एवं जिला प्रशासन देहरादून की संयुक्त बैठक आयोजित की गई।
बैठक में कैंट बोर्ड गढ़ी और छावनी परिषद क्लेमेंट टाउन के मुख्य कार्यकारी अधिकारियों को लिखित एवं दूरभाष के माध्यम से विधिवत आमंत्रित किया गया था। इसके बावजूद दोनों अधिकारी बैठक में अनुपस्थित रहे, जिसके कारण संबंधित क्षेत्रों का क्षेत्र निर्धारण कार्य पूर्ण नहीं हो सका और जनगणना से जुड़े प्रारंभिक कार्य प्रभावित हुए।
इस लापरवाही को गंभीर मानते हुए निदेशक जनगणना द्वारा सेंसस एक्ट, 1948 के तहत संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति जिला प्रशासन को भेजी गई है। जिला प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नियमानुसार आवश्यक कानूनी कार्रवाई प्रारंभ कर दी है।
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जनगणना जैसे महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्य में किसी भी स्तर की लापरवाही को स्वीकार नहीं किया जाएगा और जिम्मेदारी तय करते हुए सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जनहित को प्राथमिकता देने की कार्यशैली
जिले में कई अवसरों पर यह देखा गया है कि प्रशासन नागरिकों की समस्याओं के समाधान के लिए सक्रिय भूमिका निभा रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि जब भी आमजन की उम्मीदें कमजोर पड़ती हैं, तब जिला प्रशासन समाधान की दिशा में सकारात्मक पहल करता है। यही कारण है कि जिलाधिकारी सविन बंसल की कार्यशैली को लोग भरोसे और उम्मीद के रूप में देख रहे हैं।
सोशल मीडिया पर डीएम सविन बंसल के समर्थन में उमड़ा जनसैलाब, लोगों के रिएक्शन ने पेश किया आईना
जिलाधिकारी सविन बंसल को लेकर इन दिनों सोशल मीडिया पर जबरदस्त प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। विभिन्न प्लेटफॉर्म पर आम नागरिकों द्वारा उनके समर्थन में बड़ी संख्या में कमेंट और प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं, जो उनके प्रशासनिक कार्यों और जनसेवा की कार्यशैली को लेकर लोगों के भरोसे को दर्शाती हैं।
सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने डीएम बंसल द्वारा किए गए जनहित कार्यों का उल्लेख करते हुए उनकी कार्यशैली की सराहना की है। कई लोगों ने लिखा कि जिलाधिकारी के रूप में उन्होंने आमजन की समस्याओं को प्राथमिकता देते हुए त्वरित समाधान सुनिश्चित किया है।
जनसेवा और संवेदनशील प्रशासन की चर्चा
लोगों द्वारा की गई प्रतिक्रियाओं में विशेष रूप से बालिकाओं की शिक्षा को बढ़ावा देने के प्रयास, गरीब और जरूरतमंद बच्चों के लिए किए गए कार्य, आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की सहायता और प्रशासनिक पारदर्शिता को लेकर उनकी प्रतिबद्धता का उल्लेख किया जा रहा है।
कई सोशल मीडिया यूजर्स ने यह भी लिखा कि प्रशासनिक सख्ती और ईमानदार कार्यशैली के कारण ही उन्हें आम जनता का विश्वास प्राप्त हुआ है। लोगों का कहना है कि उन्होंने जिले में विकास कार्यों के साथ-साथ जनसमस्याओं के समाधान को प्राथमिकता दी है।
ईमानदारी और सख्ती को मिल रहा जनसमर्थन
सोशल मीडिया पर आ रही प्रतिक्रियाओं में बड़ी संख्या में लोग यह भी लिख रहे हैं कि प्रशासनिक स्तर पर लापरवाही और भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई ने लोगों के बीच सकारात्मक संदेश दिया है। कई यूजर्स ने जिलाधिकारी की कार्यशैली को पारदर्शी और जवाबदेह बताया है।
जनविश्वास का प्रतीक बनती प्रशासनिक छवि
विश्लेषकों का मानना है कि सोशल मीडिया पर मिल रहा यह समर्थन प्रशासन और जनता के बीच मजबूत विश्वास को दर्शाता है। आम नागरिकों द्वारा खुलकर व्यक्त की जा रही सकारात्मक प्रतिक्रियाएं यह संकेत देती हैं कि प्रशासनिक कार्यों का प्रभाव सीधे तौर पर समाज पर दिखाई दे रहा है।

