देहरादून। मुख्यमंत्री Pushkar Singh Dhami की अध्यक्षता में बुधवार को आयोजित उत्तराखंड कैबिनेट बैठक में ग्रामीण विकास, पर्यटन, ऊर्जा और स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े कई महत्वपूर्ण प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। कैबिनेट के फैसलों को राज्य के विकास और प्रशासनिक ढांचे को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
कैबिनेट ने पहाड़ी क्षेत्रों में स्वैच्छिक चकबंदी नीति को मंजूरी प्रदान की। सरकार का मानना है कि इस नीति से भूमि प्रबंधन को सुव्यवस्थित करने के साथ कृषि और ग्रामीण विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही राज्य गठन से पूर्व उत्तराखंड में तैनात चकबंदी कर्मचारियों के विभागीय समायोजन का निर्णय भी लिया गया।
पर्यटन क्षेत्र को प्रोत्साहन देने के उद्देश्य से सरकार ने होम स्टे नियमावली में संशोधन करते हुए अब छह के स्थान पर आठ कमरे बनाने की अनुमति दे दी है। सरकार को उम्मीद है कि इस फैसले से स्थानीय लोगों की आय बढ़ेगी और पर्यटन गतिविधियों को नई गति मिलेगी।
शिक्षा और खेल क्षेत्र में कैबिनेट ने महिला स्पोर्ट्स कॉलेज, लोहाघाट में प्राचार्य सहित 16 नए पदों के सृजन को स्वीकृति दी। वहीं, ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा निर्णय लेते हुए राज्य के तीनों ऊर्जा निगमों में अब बाहरी विशेषज्ञों की भी प्रबंध निदेशक के रूप में नियुक्ति का रास्ता साफ कर दिया गया है।
अल्पसंख्यक शिक्षा संस्थानों के लिए भी सरकार ने अहम निर्णय लिया। कैबिनेट ने उत्तराखंड अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम के तहत मान्यता प्राप्त करने हेतु आवेदन प्रक्रिया और आवश्यक शर्तों को मंजूरी प्रदान की।
ग्रामीण विकास को मजबूती देने के लिए पंचायत भवन निर्माण हेतु दी जाने वाली वित्तीय सहायता को 10 लाख रुपये से बढ़ाकर 20 लाख रुपये कर दिया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में आधारभूत ढांचे के विकास को गति मिलने की उम्मीद है।
स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा क्षेत्र में भी कई महत्वपूर्ण फैसले लिए गए। कैबिनेट ने चिकित्सा शिक्षा निदेशालय में 11 नए पदों के सृजन को मंजूरी दी। इसके अलावा Government Medical College Srinagar में कार्यरत 277 संविदा कर्मचारियों को “समान कार्य के लिए समान वेतन” देने के प्रस्ताव पर भी मुहर लगाई गई।
इसके अतिरिक्त, राज्य में ऊर्जा उत्पादन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से लघु जल विद्युत परियोजनाओं से संबंधित नियमावली में संशोधन के प्रस्ताव को भी कैबिनेट ने मंजूरी दे दी।
