Home उत्तराखंड एक अदद सड़क की मांग को दर-दर भटक रहे धारकुमाला के ग्रामीण

एक अदद सड़क की मांग को दर-दर भटक रहे धारकुमाला के ग्रामीण

by apnagarhwal.com

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के दशोली ब्लाॅक की निजमुला घाटी के धारकुमाला गांव के ग्रामीण एक अदद सड़क को दर-दर भटकने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंप कर धारकुमाला गांव को सड़क संचार सुविधा से जोड़ने की गुहार लगाई है।

बदरीनाथ विधायक लखपत बुटोला तथा प्रधान महेंद्र कुमार के नेतृत्व में धारकुमाला गांव के ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय गोपेश्वर पहुंच कर जिलाधिकारी गौरव कुमार को ज्ञापन सौंप कर सड़क तथा संचार सुविधा उपलब्ध कराए जाने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि दूरस्थ क्षेत्र में स्थित धारकुमाला गांव की जनसंख्या 300 से अधिक पहुंच गई है। इसके बावजूद सड़क सुविधा न होने के कारण ग्रामीण मीलों पैदल चलने को विवश हैं।

ज्ञापन में कहा गया है कि लगातार आंदोलन के बावजूद उनकी मांगों की लगातार अनदेखी की जा रही है। इसके चलते ग्रामीणों को मौजूदा दौर में एक अदद सड़क के लिए दर-दर भटकना पड़ रहा है। करीब 8 किमी खड़ी चढ़ाई चढ़ कर ही ग्रामीण अपनी रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा कर रहे हैं। गर्भवती महिलाओं तथा बीमारों को अस्पताल लाने के लिए डंडी कंडी का सहारा लेना पड़ रहा है। सड़क से करीब 35 किमी दूर जाकर ही ग्रामीणों अथवा बीमारों को अस्पताल पहुंचना पड़ता है। इस दौर में आलमी देवी, गुमानी राम तथा गणेशी देवी को समय पर उपचार न मिलने के कारण असमय दम तोड़ना पड़ा है। आए दिन लोगों पर इस तरह का  खतरा मंडरा रहा है। दैवीय आपदा के दौर में भी इसी तरह की परेशानियों से लोगों को दो-चार होना पड़ता है। गांव में बीमारी फैलने पर स्वास्थ्य विभाग की टीम को भी पहुंचने में दिक्कतें आती हैं। संचार सुविधा न होने के कारण शासन प्रशासन से संपर्क नहीं हो पाता है।

ग्रामीणों ने जिलाधिकारी के संज्ञान में यह बात लाई है कि विकास कार्यक्रम भी गांव में संचालित करने में मुश्किले आ रही हैं। विकास कार्यों के लिए सामान ले जाने में तो और भी दिक्कते आ खड़ी हो रही है। उन्होंने धारकुमाला गांव में सड़क से जोड़ने तथा संचार सुविधा के लिए मोबाइल टावर स्थापित करने की मांग की है। ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि इन मांगों का समाधान नहीं किया गया तो ग्रामीण आंदोलन को विवश होंगे। इस दौरान ग्रामीण राजेन्द्र सिंह, अनीता देवी, देवकी देवी, प्रतापी राम, पुष्पेन्द्र आर्य समेत तमाम ग्रामीण मौजूद रहे।

 

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