Home सम्पादकीय गणेश शाह की दावेदारी से गरमाई थराली की सियासत

गणेश शाह की दावेदारी से गरमाई थराली की सियासत

by apnagarhwal.com

थराली (चमोली) । चमोली जिले की अनुसूचित जाति आरक्षित थराली विधानसभा सीट पर 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर भाजपा के भीतर टिकट की दावेदारी तेज होने लगी है। कर्णप्रयाग नगर पालिका अध्यक्ष गणेश शाह के दावेदारी के संकेत देने के बाद सीट पर भाजपा के भीतर सियासी हलचल बढ़ गई है। इससे मौजूदा विधायक भूपाल राम टम्टा समेत अन्य दावेदारों के बीच टिकट को लेकर मुकाबला दिलचस्प होने के आसार हैं।

थराली के पूर्व विधायक स्वर्गीय मगन लाल शाह और पूर्व विधायक स्वर्गीय मुन्नी शाह के बेटे गणेश शाह वर्तमान में कर्णप्रयाग नगर पालिका अध्यक्ष हैं। वह चमोली जिला पंचायत के कोठली वार्ड से सदस्य भी रह चुके हैं। इसके अलावा भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष के रूप में संगठन में जिम्मेदारी निभा चुके हैं।

मगन लाल शाह के निधन के बाद भाजपा ने उनकी पत्नी मुन्नी देवी शाह को थराली उपचुनाव में मैदान में उतारा था। मुन्नी देवी शाह ने अपना कार्यकाल पूरा किया, लेकिन 2022 के विधानसभा चुनाव में भाजपा ने उन्हें टिकट नहीं दिया। पार्टी ने भूपाल राम टम्टा को प्रत्याशी बनाया और उन्होंने चुनाव जीतकर विधानसभा में प्रवेश किया।

अब 2027 के चुनाव को देखते हुए गणेश शाह की थराली क्षेत्र में बढ़ती सक्रियता को उनकी संभावित दावेदारी से जोड़कर देखा जा रहा है। वह लगातार क्षेत्र के सामाजिक और संगठनात्मक कार्यक्रमों में नजर आ रहे हैं। हालांकि दावेदारी के सवाल पर शाह खुद को पार्टी का अनुशासित कार्यकर्ता बताते हुए संगठन के निर्णय को सर्वोपरि बता रहे हैं। उनका कहना है कि पार्टी नेतृत्व ने भरोसा जताया तो वह उसकी अपेक्षाओं पर खरा उतरने का प्रयास करेंगे।

मौजूदा विधायक भी सक्रिय

मौजूदा विधायक भूपाल राम टम्टा भी क्षेत्र में लगातार सक्रिय हैं। उनकी कोशिश 2027 में दोबारा भाजपा प्रत्याशी बनने की है। क्षेत्र में उनकी सक्रियता को टिकट के लिए अपनी स्थिति मजबूत करने की कवायद के तौर पर देखा जा रहा है वहीं भाजपा अनुसूचित जाति मोर्चा के जिलाध्यक्ष नरेंद्र भारती भी संभावित दावेदारों में शामिल हैं। वह लगातार पार्टी कार्यक्रमों में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। उनके पिता प्रेम लाल भारती भी पूर्व में विधानसभा चुनाव लड़ चुके हैं। इसके अलावा जड़ी-बूटी सलाहकार समिति के उपाध्यक्ष बलवीर घुनियाल भी लंबे समय से थराली से भाजपा टिकट के दावेदार रहे हैं। 2018 के थराली उपचुनाव में भी उन्होंने टिकट की दावेदारी की थी, लेकिन पार्टी ने मुन्नी देवी शाह को प्रत्याशी बनाया था।

 

भाजपा का रहा है दबदबा

थराली सीट के राजनीतिक इतिहास में भाजपा का प्रभाव मजबूत रहा है। 2002 में गोविंद लाल शाह ने भाजपा के टिकट पर जीत दर्ज की थी। 2007 में भी उन्होंने जीत हासिल की। इसके बाद 2017, 2018 के उपचुनाव और 2022 में भी भाजपा प्रत्याशी इस सीट से विजयी रहे। 2012 में कांग्रेस के डॉ. जीत राम ने यहां जीत दर्ज की थी।

2027 के चुनाव से पहले भाजपा में टिकट के लिए दावेदारों की बढ़ती संख्या ने थराली की सियासत को गरमा दिया है। अब देखना होगा कि पार्टी मौजूदा विधायक भूपाल राम टम्टा पर दोबारा भरोसा जताती है या गणेश शाह समेत अन्य दावेदारों में से किसी नए चेहरे को मौका देती है।

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