Home उत्तराखंड पुराने नक्शों से तय होगी वन भूमि, खंगाले दस्तावेज

पुराने नक्शों से तय होगी वन भूमि, खंगाले दस्तावेज

by apnagarhwal.com
  • सैंजी-लगा डुमक सड़क की आपत्ति का होगा निस्तारण

गोपेश्वर (चमोली)। चमोली जिले के सैंजी-लगा डुमक मोटर मार्ग के वन भूमि हस्तांतरण को लेकर उठी आपत्ति का निस्तारण अब पुराने राजस्व एवं वन अभिलेखों के आधार पर किया जाएगा। चमोली के जिलाधिकारी गौरव कुमार ने वर्ष 1920, 1930 और 1956 के मानचित्रों का मिलान कर वन, राजस्व और सिविल भूमि की वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने को कहा।

जनता मिलन कार्यक्रम में ग्रामीणों ने मोटर मार्ग के वन भूमि हस्तांतरण को लेकर शिकायत दर्ज कराई थी। इसके जिलाधिकारी ने गुरूवार को वन विभाग, पीएमजीएसवाई, राजस्व विभाग और ग्रामीण प्रतिनिधियों की बैठक ली। इसमें वन भूमि हस्तांतरण से जुड़े सभी पहलुओं की जानकारी लेते हुए संबंधित विभागों और ग्रामीणों का पक्ष सुना। उन्होंने कहा कि आपत्ति का निस्तारण किसी अनुमान के आधार पर नहीं, बल्कि उपलब्ध अभिलेखों और तथ्यों के आधार पर किया जाए। इस दौरान वर्ष 1920 के वन विभाग के मानचित्र, 1930 के बंदोबस्ती मानचित्र और 1956 के मानचित्रों का अवलोकन कर संबंधित क्षेत्र में वन, राजस्व और सिविल भूमि की स्थिति का मिलान किया गया। डीएम ने वर्तमान स्थिति और पुराने अभिलेखों के बीच स्पष्ट परीक्षण कर नियमानुसार समाधान करने पर जोर दिया।

जिलाधिकारी ने पीएमजीएसवाई अधिकारियों को फाइनल एलाइनमेंट के अनुसार दर्ज आपत्ति का अभिलेखों और तथ्यों के साथ परीक्षण कर स्पष्ट आख्या प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। वहीं, उपजिलाधिकारी जोशीमठ को आवश्यक राजस्व संबंधी कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करते हुए प्रकरण का शीघ्र और नियमानुसार निस्तारण करने के निर्देश दिए।

बैठक में केदारनाथ वन्यजीव प्रभाग उप वन संरक्षक रजत सुमन, अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, उपजिलाधिकारी चंद्रशेखर वशिष्ठ सहित पीएमजीएसवाई, राजस्व विभाग के अधिकारी और ग्रामीण प्रतिनिधि मौजूद रहे।

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