- शासनादेश जारी नहीं होने पर फेडरेशन ने भरी हुंकार
- डीएम के माध्यम से मुख्यमंत्री को भेजा ज्ञापन
गोपेश्वर (चमोली)। लंबित 12 सूत्रीय मांगों पर शासनादेश जारी नहीं होने से उत्तरांचल फेडरेशन ऑफ मिनिस्टीरियल सर्विसेज एसोसिएशन के कर्मचारी शुक्रवार को सड़क पर उतर आए। फेडरेशन के आह्वान पर चमोली जिला शाखा के कर्मचारियों ने जिला कलक्ट्रेट परिसर में एक दिवसीय धरना देकर शासन के खिलाफ नाराजगी जताई। कर्मचारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर लंबित मांगों पर जल्द शासनादेश जारी करने की मांग की।
धरने में जिले के विभिन्न विभागों के मिनिस्टीरियल कर्मचारी शामिल हुए। कर्मचारियों ने कहा कि फेडरेशन की 12 सूत्रीय मांगें लंबे समय से शासन स्तर पर लंबित हैं। मांगों के संबंध में शासनादेश जारी नहीं होने से कर्मचारियों में रोष है। वक्ताओं ने कहा कि शासन को कर्मचारियों की मांगों पर अब स्पष्ट निर्णय लेना चाहिए।
जिला संयोजक सतीश कुमार ने कहा कि फेडरेशन के आह्वान पर प्रदेशभर में आंदोलन चलाया जा रहा है। चमोली में भी कर्मचारियों ने एकजुट होकर शासन का ध्यान लंबित मांगों की ओर खींचा है। उन्होंने कहा कि मांगों पर शीघ्र शासनादेश जारी नहीं हुआ तो आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
शिक्षा विभाग के जिला संयोजक राजेश कपरवान, स्वास्थ्य विभाग के राकेश नेगी, कलक्ट्रेट कर्मचारी संगठन के अध्यक्ष गिरजा प्रसाद कोठियाल, कुलदीप खंडूड़ी, अंजू और पुष्कर सिंह बिष्ट समेत अन्य वक्ताओं ने भी मांगों के जल्द निस्तारण की मांग उठाई।
धरने पर बैठे कर्मचारियों ने जिलाधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजा। फेडरेशन ने स्पष्ट किया कि लंबित मांगों पर शासनादेश जारी नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
इस दौरान नीतू जोशी, बीना बिष्ट, उषा पुरोहित, नवीन सेमवाल, किशोर चैहान, अमरनाथ सिंह रावत, दिनेश चंद्र तिवाड़ी, ज्वाला प्रसाद, विक्रम नेगी, संजय आर्य, सुरेंद्र सिंह नपलच्याल, सुदर्शन सिंह बिष्ट समेत कर्मचारी मौजूद रहे।
