-चमोली में जई और बरसीम की खेती को प्रोत्साहन
-पशु स्वास्थ्य व टीकाकरण की भी दी जानकारी
गोपेश्वर (चमोली)। पशुओं को पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने और दुग्ध उत्पादन बढ़ाने के लिए चमोली जिले के दशोली ब्लॉक में चारा उत्पादन को प्रोत्साहित किया जा रहा है। सेवा संकल्प अभियान के तहत गुरुवार को राजकीय पशु चिकित्सालय चमोली में आयोजित चारा घास प्रदर्शनी एवं जागरूकता गोष्ठी में 60 पशुपालकों को जई और बरसीम के बीज वितरित किए गए।
पशुपालकों को तीन सौ किलोग्राम जई और 20 किलोग्राम बरसीम के बीज दिए गए। गोष्ठी में पशुओं के लिए संतुलित आहार, पौष्टिक चारे के महत्व, रोगों की रोकथाम, टीकाकरण और विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई।
वरिष्ठ पशु चिकित्साधिकारी डॉ. पुनीत भट्ट ने कहा कि पौष्टिक चारा पशुओं के स्वास्थ्य और दुग्ध उत्पादन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने पशुपालकों को चारा फसलों की खेती बढ़ाने और पशुओं के लिए पर्याप्त पौष्टिक आहार की व्यवस्था करने के लिए प्रेरित किया।
पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अनु ने पशुओं में होने वाले रोगों, उनके उपचार और समय पर टीकाकरण की जानकारी दी। क्षेत्र प्रसार अधिकारी सुधीर चमोली ने लाइवस्टॉक योजना सहित विभागीय योजनाओं के बारे में बताया।
इस दौरान पशु चिकित्सा फार्मेसी अधिकारी पीयूष चैहान, पशुधन प्रसार अधिकारी अशोक बिष्ट, ग्राम प्रधान भगत सिंह आजाद समेत विभिन्न गांवों के पशुपालक मौजूद रहे।

